ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 82"
कुछ देर बाद सभी डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे, इवान की नजर रह रहकर बार बार किआरा की तरफ ही जा रही थी, और किआरा सबको नास्ता परोसते हुए तिरछी नज़रो से इवान को देख लेती, पर जब भी दोनो की नजरें मिलती तो किआरा शर्माकर अपना सर झुका लेती, तो वही इवान ओर प्यार से उसे देखने लगता ।
यहां दोनो की ये आँखों ही आँखों की बाते चल रही थी तो वही उन दोनो की ये इशारेबाजी अध्विक ओर आन्या की नज़रो से छिपी नहीं रह सकी, उन दोनो ने एकदूसरे को देखा ओर आन्या ने एक आँख विंक करते हुए कुछ इशारा किया,
आन्या को आज सुमित्रा जी खाना खिला रही थी क्युकी राहुल आज जल्दी ही हॉस्पिटल निकल गया था इसलिए, जब सुजीत जी अजय जी ओर दादी चले गये तो आन्या ने सुमित्रा जी की तरफ देखा ओर बोली
आन्या :- माँ बस अब ओर नही खाना मुझे आप ना ये सब किआरा भाभी को खिला दो देखो कितनी दुबली हो रही है बिल्कुल लकड़ी की तरह ( फिर एकदम से इवान की तरफ देखकर ) क्यू इवान भैया सही कहा ना
किआरा ओर इवान अपने अपने नाम सुनकर एक दम से सकपका गये ओर इधर उधर देखने लगे तो वही अध्विक बोला
अध्विक :- वैसे आन्या तूने वो गाना सुना है
आन्या ( नाटक करते हुए ) :- कौनसा गाना भैया
अध्विक :- अरे वही आँखों की गुस्ताखियाँ माफ़ हो....😜
आन्या :- हाँ भैया एक ओर गाना है ना वो वाला कही पे निगाहे कही पे निशाना😜
आन्या ने इस बार इवान ओर किआरा की तरफ देखकर कहा तो वो दोनो समझ गये की ये इन्हे ही छेड़ रहे है, किआरा आन्या को खाना परोसने लगी की तभी आन्या की नजर किआरा की गर्दन पर पड़ी जहा पर लाल निशान सा था, उसने वो देखा तो उसे एकाएक समझ नहीं आया और वो जोर से चिल्लाई तो इवान जो जल्दी से नास्ता कम्पलीट करके जाने लगा था आन्या की आवाज सुन उसके कदम रुक गये, वही आन्या किआरा से बोली
आन्या :- भाभी ये क्या हुआ आपको ये लाल निशान केसा कही मच्छर या किसी कीड़े ने तो नही काट लिया
आन्या की बात सुन किआरा सकपका गई और इधर उधर देखने लगी, वही इवान को याद आया की ये वही निशान है जो उसने उसे दिया था वो फ़ौरन जल्दी जल्दी अपने रूम की तरफ भाग गया, वही पायल जी और सुमित्रा जी ने एक बार गोर से देखा और मुस्कुरा दी फिर वो दोनो वहा से उठकर चली गई
अध्विक ने आन्या की बात सुन अपना माथा पीट लिया क्युकी इवान को इतनी हड़बड़ी मे जाते देख और किआरा को इधर उधर देखते देख वो समझ गया था इसलिए वो भी जल्दी से नास्ता कम्पलीट करके उत्कर्ष के साथ चला गया
आन्या ने इवान और अध्विक को जाते देखा तो उसे समझ नहीं आया तो उसने फिरसे किआरा की तरफ देखा और अपना सवाल दोहराया तो किआरा बोली
किआरा :- कुछ नहीं आन्या वो बस मच्छर ने काट लिया था, तुम ये सब छोड़ो और ये ढोकला खाओ बहुत टेस्टी है मै वन्या को देखकर आती हु
इतना बोलकर किआरा भी चली गई तो आन्या ने अपने कंधे उचकाये ओर ढोकला खाने मे मग्न हो गई
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किआरा अपने रूम मे आई तो उसे वन्या बेड पर खेलती दिखी ओर इवान अपने ऑफिस बेग मे फाइल रखते हुए, इवान को देख किआरा को फिर शर्म आने लगी, वो वापस जाने के लिए पलटी ही थी की इवान की नजर उसपर पड़ी ओर वो जल्दी से उसके पास आया ओर किआरा को कमर से पकड़ते हुए बोला
इवान :- अभी आई ओर अब कहा चली वाइफी
किआरा ( हकलाते हुए ) :- ज जी वो नीचे काम है इसलिए
इवान :- अभी तो आई हो और इतनी जल्दी चली थोड़ी देर बाद चली जाना काम कौनसा भागे जा रहा जा रहा है
किआरा ने अब अपनी आँखे बंद करली क्युकी इवान अब उसके गले पर किस कर रहा था, इवान ने एक बार किआरा की गर्दन पर उस निशान को देखा और मुस्कुराकर उसे चूम लिया और किआरा को अपनी तरफ पलटते हुए पूछा
इवान :- वैसे मै तुम्हे मच्छर दिखता हु क्या वाइफी
किआरा ने इवान की बात सुन अपनी आँखे खोली, उसे याद आया की उसने आन्या से क्या कहा था तो उसने अपना सर नीचे किया और ना मे हिलाकर कहा
किआरा :- न नहीं इवान जी ऐसा नही है वो आन्या को क्या कहते इसलिए वो सब कहा था
इवान :- अच्छा तो बताओ मै तुम्हे कैसा लगता हु अच्छा या बुरा
किआरा ने फिरसे सर झुका लिया तो इवान ने उसे अपने और करीब किया और बोला
इवान :- बताओ कैसा लगता हु
किआरा ( अटकते हुए ) :- अ... अच्छे आप बहुत अच्छे है इवान जी आपके जैसा कोई नही है, हम बहुत किस्मत वाले है की हमे आप मिले हमसफ़र के रूप मे, थैंक्यू इवान जी हमारी ज़िंदगी मे आने के लिए और हमे पूर्ण करने के लिए, हमारी सबसे बड़ी कमी ( माँ ना बन पाने की पर वन्या और उत्कर्ष के उसकी ज़िंदगी मे आने से वो कमी भी दूर हो गई ) को दूर करने के लिए थैंक्यू सो मच इवान जी हमारी ज़िंदगी के हमसफर बनने के लिए ।
इवान किआरा की बात सुन मुस्कुरा दिया और बोला
इवान :- नही किआरा मेरी अधूरी ज़िंदगी तो तुमने पुरी की है, जबकी मै तो तुम्हे एक पति का प्यार भी नहीं दे पाया था बस अपने बच्चों की माँ बना दिया था, क्युकी मेने हमेशा ये ही माना की ये शादी मेरी मर्ज़ी से नही बस बच्चों की खातिर हुई है ये अनचाही शादी, पर तुमने मेरे बच्चे मेरे परिवार यहां तक की मुझे भी संभाला, मै तो अपने अतीत से बाहर भी नही निकल पा रहा था पर तुमने तुम्हारे साथ ने ये सब आखिर करवा दिया, तुम इतनी अच्छी हो किआरा की मै भी तुमसे प्यार किये बिना ना रह सका, तुम्हारी ये शादगी, सबका ख्याल रखना, खुद से पहले दुसरो के बारे मे सोचना ये सब मुझे कब अच्छा लगने लगा पता ही नही चला थैंक्स टू यू किआरा मेरी ज़िंदगी मे आने के लिये और इसे पुरा करने के लिए ।
इवान और किआरा एक दूसरे की बाहो मे एक दूसरे को महसूस करते हुए खड़े थे की तभी उन्हे वन्या की आवाज आई जो टुकुर टुकुर उन दोनो को ही देख रही थी, या बार बार आवाज देकर दोनो को अपनी प्रेजेंस का ख्याल करवा रही थी
किआरा और इवान ने मुस्कुरा कर एक दूसरे को देखा फिर वन्या के पास गये और किआरा वन्या को गोद मे उठाते हुए बोली
किआरा :- माय लिटिल क्यूट प्रिंसेस, मम्मा लव्स यू सो मच बच्चा
इवान :- यस बच्चा पापा ऑलवेज लव्स यू टू
इतना बोलकर इवान और किआरा दोनो ने वन्या के गाल पर किस किया तभी उन्हे उत्कर्ष की आवाज आई जो दरवाजे पर अध्विक के साथ था, अध्विक इवान की गोद मे उत्कर्ष देते हुए बोला
अध्विक :- लीजिये भैया अपने प्यारे से उत्कर्ष को सम्भालिये, क्युकी ये अपने चाचू से कितना ही प्यार करे पर बाद मे इसे मम्मा और पापा चाहिए ही चाहिए
इतना बोलकर अध्विक मुस्कुराते हुए वहा से चला गया तो उत्कर्ष इवान की तरफ देखते हुए बोला
उत्कर्ष :- पा लव उतल किछी ( अपने गाल पर ऊँगली से इशारा कर ) ,
इवान उत्कर्ष की बात सुन मुस्कुरा दिया और उत्कर्ष के गाल पर किस करते हुए बोला
इवान :- यस बच्चा पापा ऑलवेज लव्स उत्कर्ष, पापा वन्या और उत्कर्ष दोनो से ही बहुत बहुत ज्यादा प्यार करते है
किआरा :- हाँ बच्चा मम्मा आल्सो लव्स वन्या एंड उत्कर्ष चलो अब उदास मत हो जल्दी से हसो
किआरा ने भी उत्कर्ष के गाल पर किस करते हुए कहा तो उत्कर्ष और वन्या दोनो ही खिलखिलाकर हस दिये, इवान कुछ देर उनके साथ रहा फिर वो भी ऑफिस के लिए निकल गया
To be continued.......................
थैंक्यू सो मच आप सभी को मेरी स्टोरी पढ़ने के लिए।
इसी तरह आप सब मेरी स्टोरी पढ़ते रहिये और कमेंट
Gunjan Kamal
31-Dec-2022 12:18 PM
Nice
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Varsha_Upadhyay
30-Dec-2022 05:16 PM
शानदार भाग
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पृथ्वी सिंह बेनीवाल
29-Dec-2022 10:50 PM
बेहतरीन
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